कक्षा - छठी विषय – हिंदी
पाठ 13
काश ! मैं भी
काश! मैं भी सीमा पर जाकर,
दुश्मन से लड़ पाती।
काश! मैं भी यूँ लड़ते-लड़ते,
अमर शहीद हो जाती।
काश! मैं भी तोपों बंदूकों,
के हथियार सजाती।
काश! मैं भी अमर होकर,
नया इतिहास रचाती।
काश ! चाँदनी की उन
रातों,
को अंधियारी कर पाती।
काश! तोप के मुँह से निकला,
मैं गोला बन जाती।
काश! कारगिल की घाटी का
इक पत्थर बन जाती।
अमर शहीदों को सलाम कर,
जीवन सफल बनाती।
अभ्यास
1) नीचे गुरुमुखी और देवनागरी
लिपि में दिये गये शब्दों को पढ़ें और हिंदी शब्दों को लिखने का अभ्यास करें :-
ਸ਼ਹੀਦ = शहीद ਤੋਪਾਂ = तोपों
ਬੰਦੂਕਾਂ
= बंदूकों ਹiਥਆਰ =
हथियार
ਇiਤਹਾਸ =
इतिहास
ਗੋਲਾ = गोला
ਪੱਥਰ =
पत्थर ਘਾਟੀ =
घाटी
2)
नीचे एक ही अर्थ के लिए पंजाबी और हिंदी भाषा में शब्द दिये गये हैं। इन्हें ध्यान
से पढ़ें और हिंदी शब्दों को लिखें :-
iਜ਼Mਦਗੀ
= जीवन
ਬਾਰਡਰ, ਹੱਦ, ij`ਥੇ
ਇੱਕ ਦੇਸ਼ ਦੀ ਹੱਦ ਖ਼ਤਮ ਹੁੰਦੀ ਹੋਵੇ = सीमा
3)
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक या दो वाक्यों में लिखें :-
(क) कवयित्री सीमा पर जाकर किससे युद्ध करना चाहती
है?
उत्तर
- दुश्मनों से।
(ख) वह कैसे शहीद होना चाहती है?
उत्तर - देश के दुश्मनों से लड़ते- लड़ते।
(ग) वह अपने हाथों में
कैसे हथियार सजाना चाहती है?
उत्तर - तोपों और बन्दूकों के।
(घ) वह किस घाटी का पत्थर बनना चाहती है?
उत्तर - कारगिल घाटी का।
(ङ) वह अपना जीवन कैसे
सफल बनाना चाहती है?
उत्तर - अमर शहीदों को सलाम करके।
4)
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर चार या पाँच वाक्यों में लिखें :-
(क) 'चाँदनी की उन रातों को अंधियारी कर पाती' में
कवयित्री क्या कहना चाहती है?
उत्तर - कवयित्री कहना चाहती है कि वह युद्ध में इतने गोले बरसाती कि दुश्मनों को चॉंदनी रातों में भी अंधेरा ही नज़र आता।
(ख) वह कारगिल को घाटी
का ही पत्थर क्यों बनना चाहती है?
उत्तर - क्योंकि इस स्थान पर अनेक भारतीयों ने देश
की रक्षा के लिए अपने प्राणों के बलिदान दिए हैं।
(ग) वह अपने जीवन की सफलता किसमें मानती है?
उत्तर - वह अमर शहीदों को सलाम करने और देश की रक्षा के लिए अपने प्राण न्यौछावर करने में ही अपने जीवन की सफलता मानती है।
5)
वाक्यों में प्रयोग करें :-
दुश्मन
:- हमें कभी भी दुश्मन को छोटा नहीं समझना चाहिए।
शहीद
:- कवयित्री देश की रक्षा के लिए शहीद होना चाहती है।
सीमा
:- कवयित्री सीमा पर जाकर दुश्मनों से युद्ध करना चाहती है।
चाँदनी
:- मुझे चॉंदनी रात बहुत पसंद है।
इतिहास :- मुझे इतिहास पढ़ना मुश्किल लगता है।
6) बहुवचन रूप लिखें
:-
दुश्मन =
दुश्मनों हथियार =
हथियारों
तोप =
तोपों पत्थर = पत्थरों
बन्दूक =
बंदकों शहीद = शहीदों
7)
पढ़ो और जानो।
शहीद = शहादत
अंधियारा = अंधियारी
अमर = अमरत्व पत्थर =
पथरीला
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, |
9)
नये शब्द बनाओ :-
दुश्मन = श्म
=
रिश्म, करिश्मा
पत्थर
= त्थ =
निहत्था, जत्था
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संयोजक :- गुरप्रीत कौर, हिंदी अध्यापिका, स.ह.स. लापराँ, लुधियाना संशोधक :- विनोद कुमार, हिंदी शिक्षक, स. ह. स. बुल्लेपुर,लुधियाना
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