कक्षा - छठी
विषय – हिंदी
पाठ – 12
रेणुका झील

अभ्यास
1) नीचे गुरूमुखी और देवनागरी लिपि में दिए गए शब्दों को पढ़ें और हिन्दी शब्दों को लिखने का अभ्यास करें :-
ਮੰਦਰ = मन्दिर
ਮੱਛੀ = मछली
ਚੰਡੀਗੜ = चंडीगढ़ ਤੀਰਥ-ਸਥਾਨ = तीर्थ-स्थान
ਝੀਲ = झील ਝਰਨਾ = झरना
ਪੁਲ = पुल
ਪਹਾੜੀ = पहाड़ी
2) नीचे एक ही अर्थ के लिए पंजाबी और हिंदी भाषा में शब्द दिये गये हैं। इन्हें ध्यान से पढ़ें और हिंदी शब्दों को लिखें:-
ਕੁਦਰਤੀ = प्राकृतिक
ਧਰਤੀ = पृथ्वी
ਪਿੰਡ = ग्राम
ਰੁੱਖ, ਪੇੜ = वृक्ष
ਸੁਆਗਤ = स्वागत
ਛਾਂ ਦੇਣ ਵਾਲੇ = छायादार
ਅਲੌਕਿਕ ਸ਼ਕਤੀ = दिव्य शक्ति
ਸੂਰਜ ਦਾ ਛਿਪਣਾ = सूर्यास्त
ਅਤੀ ਸੁੰਦਰ = सुरम्य ਸਥਾਨ = धाम
ਮਨਾਹੀ = वर्जित
ਲੋਕ ਪ੍ਰਚਲਿਤ ਕਹਾਣੀ = दंत कथा
ਤਬਦੀਲ = परिणत ਫੇਰੀ ਲਗਾਉਣਾ = परिक्रमा
3) निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक वाक्य में लिखें:-
क) क्षितिज अपने माता-पिता व भाई के साथ कहाँ
घूमने गया?
उत्तर - हिमाचल प्रदेश के सिरमौर ज़िले में
रेणुका जी।
ख) श्री बाला सुन्दरी जी का मन्दिर कहाँ पर है?
उत्तर - काला अम्ब से 6 किलोमीटर की दूरी पर त्रिलोकपुर ग्राम में।
ग) तालाबों का शहर किसे कहा जाता है?
उत्तर - नाहन को।
घ) रेणुका जी किस की माता थीं?
उत्तर - परशुराम जी की।
ङ) रेणुका का मेला कहाँ आयोजित किया जाता है?
उत्तर - रेणुका झील के किनारे।
च) पाँवटा साहब गुरुद्वारे का संबंध किस गुरु से है?
उत्तर - श्री गुरु गोबिंद सिंह जी से।
4) निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर चार या पाँच वाक्यों में लिखें:-
क) नाहन शहर की विशेषताएँ लिखें।
उत्तर - नाहन शिवालिक पहाड़ियों में सन् 1921 में बसाया शहर है। यह समुद्र सतह से 933 मीटर ऊँचाई पर है। नाहन को तालाबों का शहर कहा जा सकता है। यहाँ के रानी ताल में सुबह की सैर हो सकती है और शाम को बोटिंग भी। सर्वधर्म सद्भाव के नगर नाहन में मन्दिर, मस्जिद, गुरूद्वारा व चर्च मौजूद हैं।
ख) रेणुका जी से संबंधित दंत कथा लिखें।
उत्तर - रेणुका जी से संबंधित दंत कथा है कि परशुराम की माता रेणुका ने अपने पति ॠषि यमदग्नि के शाप के कारण एक झील का रूप धारण कर लिया था।
ग) रेणुका झील की विशेषताएँ लिखें।
उत्तर - रेणुका झील हिमाचल प्रदेश की सबसे बड़ी प्राकृतिक झील है। यह समुद्र सतह से 672 मीटर ऊँचाई पर स्थित है।रेणुका, विष्णु के अवतार तथा 21बार पृथ्वी को क्षत्रियों से रहित करने वाले परशुराम जी की माता का नाम है।
घ) पाँवटा साहब गुरुद्वारे की जानकारी एकत्रित कर लिखें।
उत्तर - पाँवटा साहब यमुना नदी के तट पर बसा हुआ ऐतिहासिक व धार्मिक स्थल है, जो कि रेणुका झील से लगभग 35 किलोमीटर दूर है। इस स्थान पर गुरु गोबिन्द सिंह जी कई वर्षों तक रहे। आज पाँवटा साहब एक तीर्थ स्थान के रूप में परिणत हो चुका है।
5) उपयुक्त शब्द भरकर वाक्य पूरे करें:-
क) नाहन को तालाबों का
शहर कहा जा
सकता है।
ख) पूरा रास्ता हरा-भरा घुमावदार
था।
ग) रेणुका झील हिमाचल प्रदेश
की सबसे
बड़ी प्राकृतिक झील है।
घ) पाँवटा साहब में गुरु गोबिन्द सिंह जी कई
वर्षों तक रहे।
ङ) बच्चों के लिए यहाँ मिनी चिड़ियाघर है।
6) पर्यायवाची शब्द लिखें :-
माता = माँ, जननी
वर्षा = मेह, बारिश
रात = रजनी, रात्रि
हवा = वायु, समीर
पेड़ = वृक्ष, पादप
फूल = पुष्प, सुमन
समुद्र = सागर, रत्नाकर
बादल = मेघ, घन
7) विपरीत शब्दों का मिलान करें:-
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अधूरी शाप आरंम्भ अंदर शांति |
अन्त पूरी वरदान युद्ध बाहर |
8) रेखांकित शब्दों के लिंग बदल कर वाक्य दुबारा लिखें:-
इस मन्दिर का निर्माण राजा ने करवाया।
इस मन्दिर का निर्माण रानी ने करवाया।
बन्दर वृक्ष पर कूद रहा था।
बन्दरिया वृक्ष पर कूद रही थी।
क्षितिज अपनी माता के साथ घूमने गया।
क्षितिज अपने पिता के साथ घूमने गया।
शेर चिड़ियाघर में विश्राम कर रहा था।
शेरनी चिड़ियाघर में विश्राम कर रही थी।
10) पाठ में से पाँच-पाँच व्यक्तिवाचक, जातिवाचक तथा भाववाचक संज्ञाएँ छाँट कर लिखें।
व्यक्तिवाचक जातिवाचक भाववाचक
रेणुका पहाड़ियों ऊँचाई
परशुराम मन्दिर मधुर
चंडीगढ़ मस्जिद सौन्दर्य
अम्बाला गुरूद्वारा सुरम्य
प्रदीप पेड़-पौधे हरियाली
प्रयोगात्मक व्याकरण
झरनों से पानी गिर रहा था।
इस वाक्य में 'झरनों से' पानी के अलग होने का बोध हो रहा है इसलिए यहाँ अपादान कारक है।
अतः संज्ञा या सर्वनाम के जिस रूप से अलग होना पाया जाये, वह अपादान कारक कहलाता है।
2. (i) रेणुका का मेला रेणुका झील के किनारे आयोजित होता है।
(ii) रेणुका परशुराम की माता का नाम है।
यहाँ पहले वाक्य में 'रेणुका का' मेले से, 'झील का' किनारे से तथा दूसरे वाक्य में 'परशुराम का' माता से सम्बन्ध प्रकट हो रहा है। अतः यहाँ सम्बन्ध कारक है।
अतः संज्ञा या सर्वनाम के जिस रूप से उसका सम्बन्ध किसी दूसरे शब्द के साथ प्रकट हो,उसे सम्बन्ध कारक कहते हैं।
विशेष :- क्रिया के साथ सम्बन्ध न कराने के कारण कुछ विद्वान सम्बन्ध कारक को कारक नहीं मानते हैं।
3.(i) हमने कमरों में सामान रख दिया।
(ii) बन्दर वृक्षों पर कूदते नज़र आ रहे थे।
इन वाक्यों में 'कमरों में', 'वृक्षों पर' पद उन स्थानों को सूचित कर रहे हैं, जहाँ क्रिया के आधार का बोध होता है। अतः यहाँ अधिकरण कारक है।
अतएव संज्ञा या सर्वनाम के जिस रूप से क्रिया के आधार का बोध हो, उसे अधिकरण कारक कहते हैं।
4. हे ईश्वर ! मेरी रक्षा करो।
अरे बच्चो ! तुम क्या कर रहे हो?
यहाँ 'हे ईश्वर' में ईश्वर को पुकारा जा रहा है तथा 'अरे बच्चो' में बच्चों को सम्बोधित किया जा रहा है, अत: यहाँ सम्बोधन कारक है।
अतः शब्द के जिस रूप से किसी को पुकारने अथवा सम्बोधन करने का ज्ञान हो, वहाँ सम्बोधन कारक होता है।
सम्बोधन कारक का प्रयोग कारक चिह्न के बिना भी होता है। जैसे-भाई ! ज़रा इधर आओ।
विशेष :- सम्बोधन कारक का सम्बन्ध वाक्य में क्रिया अथवा किसी दूसरे शब्द से नहीं होता, अतएव कुछ विद्वान इसे कारक नहीं मानते।
रेखांकित शब्दों के स्थान पर उचित सर्वनाम शब्द का प्रयोग करके वाक्य दोबारा लिखिए :-
1. क्षितिज पिछले सप्ताह क्षितिज के माता-पिता के साथ रेणुका जी घूमने गया।
उत्तर - क्षितिज पिछले सप्ताह अपने माता-पिता के साथ रेणुका जी घूमने गया।
2. क्षितिज की माँ ने क्षितिज को बुलाया।
उत्तर - क्षितिज की माँ ने उसे बुलाया।
3. सामने ही दिखाई दे रही सुरम्य रेणुका झील हमें रेणुका झील की ओर आकर्षित कर रही थी।
उत्तर - सामने ही दिखाई दे रही सुरम्य रेणुका झील हमें अपनी ओर आकर्षित कर रही थी।
4. क्षितिज ने उल्लास से कहा कि यदि उल्लास भी साथ होते तो और भी आनंद आता।
उत्तर - क्षितिज ने उल्लास से कहा कि यदि तुम भी साथ होते तो और भी आनन्द आता।
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संयोजक :- गुरप्रीत कौर, हिंदी अध्यापिका, स.ह.स. लापराँ, लुधियाना संशोधक :- विनोद कुमार, हिंदी शिक्षक, स. ह. स. बुल्लेपुर,लुधियाना |
