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विशेषण

विशेषण

 

निम्नलिखित वाक्यों में मोटे अंशों पर ध्यान दीजिए:

1.            राकेश ने सफेद कमीज़ पहन रखी है ।

2.            मैं मीठे आम लेकर आया हूँ ।

3.            तुम्हारा छोटा भाई बहुत शरारती है ।

4.            खीर बनाने के लिए पाँच लीटर दूध चाहिए ।

5.            मुझे चार केले दीजिए ।

6.            आप थोड़ी सी चाय ले लें ।

 

इन वाक्यों में सफेद, मीठे, छोटा, पाँच लीटर, चार, थोड़ी-सी शब्द अपनी-अपनी संज्ञाओं (कमीज, आम, भाई, दूध, केले, चाय) की विशेषता बता रहे हैं । ऐसे शब्दों को 'विशेषण' कहा जाता है ।

 

पहले वाक्य में कमीज का रंग, दूसरे वाक्य में आम का गुण, तीसरे वाक्य में भाई का गुण, चौथे वाक्य में दूध की मात्रा, पाँचवें वाक्य में केलों की संख्या तथा छठे वाक्य में चाय की मात्रा (परिमाण) का पता चल रहा है ।

 


  अतः जो शब्द संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता बताते हैं, उन्हें विशेषण कहते हैं ।

                                                                                                                                        

जिस संज्ञा/सर्वनाम की विशेषता बताई जाती है, उसे 'विशेष्य' कहते हैं ।

 

विशेषण प्रायः संज्ञा/सर्वनाम (विशेष्य) से पहले आता है, पर यह बाद में भी आ सकता है । जैसे -

1. काली कमीज पहनो ।

2. यह कमीज काली है ।

 

विशेषण के भेद : विशेषण के चार भेद माने जाते हैं :

1.    गुणवाचक विशेषण

2.    परिमाणवाचक विशेषण

3.    संख्यावाचक विशेषण  

4.    सार्वनामिक विशेषण  

 

1.        गुणवाचक विशेषण - ऐसे विशेषण, जिनसे विशेष्य के गुण, रूप, रंग, आकार, काल, दशा आदि का बोध होता है, उन्हें गुणवाचक विशेषण कहते हैं । जैसे- पीले फूल, काला कुत्ता, सुंदर लडकी ।

2.        परिमाणवाचक विशेषण - परिमाण का अर्थ है-मात्रा । जो विशेषण अपने विशेष्य के माप-तोल (परिमाण) का बोध कराए, उसे परिमाणवाचक विशेषण कहते हैं । जैसे-चार किलो चीनी ; थोड़ा दूध । इसमें विशेष्य प्रायः द्रव्यवाचक संज्ञाएँ होती हैं और वे एकवचन में होती हैं । परिमाणवाचक विशेषण के दो भेद हैं : (क) निश्चित परिमाणवाचक, (ख) अनिश्चित परिमाणवाचक ।

(क) निश्चित परिमाणवाचक विशेषण: इसके द्वारा विशेष्य के परिमाण (मात्रा) का निश्चित अर्थात् ठीक-ठाक बोध होता है । जैसे –

1. एक मीटर कपड़ा चाहिए ।

2. दो किलो चावल दे दो ।

 

(ख) अनिश्चित परिमाणवाचक विशेषण: इसके द्वारा विशेष्य के परिमाण (मात्रा) का पता तो लगता है, किंतु यह ठीक-ठीक, मापा-तोला नहीं होता, अंदाजा मात्र होता है । जैसे-

1. थोड़ा दूध दे दो ।

2. मैं ज्यादा मिठाई नहीं खा सकता ।

[बहुत, अधिक, जरा, तनिक, इतना, जितना, कुछ, थोड़ा आदि । बहुत, थोड़ा आदि के साथ सा/सो लगाकर (बहुत-सी मिठाई, थोड़ा-सा नमक आदि) परिमाण के 'लगभग' भाव को प्रकट करते हैं ।]

3.        संख्यावाचक विशेषण - संख्यावाचक विशेषण वह विशेषण होता है जो विशेष्य की संख्या से संबद्ध विशेषता का बोध कराता है । जैसे -

1. कक्षा में साठ छात्र पढ़ते हैं ।

2. गीता पाँचवीं कक्षा में पढ़ती है ।

3. मोहन ने दौड़ में प्रथम स्थान प्राप्त किया ।

4. मारपीट में कई लोग घायल हो गए ।

यहाँ साठ, पाँचवीं, प्रथम, कई संख्यावाचक विशेषण हैं जो क्रमशः छात्र, कक्षा, स्थान, लोग (विशेष्य) की संख्या संबंधी विशेषता प्रकट कर रहे हैं । ये विशेष्य प्रायः जातिवाचक संज्ञाएँ होती हैं । संख्यावाचक विशेषण के दो भेद हैं  -

(क) निश्चित संख्यावाचक, (ख) अनिश्चित संख्यावाचक

 

(क) निश्चित संख्यावाचक विशेषण : इसके द्वारा विशेष्य की संख्याविषयक विशेषता का निश्चित बोध होता है । जैसे तीन किताबें, दूसरा लड़का, चालीस साल।

·      पूर्ण संख्या बोधक :  तीन बालक, चार केले, पाँच पुस्तकें आदि ।

·      अपूर्ण संख्या बोधक :  सवा, डेढ़, ढ़ाई, साढ़े तीन आदि ।

·      क्रम बोधक :  पहली कक्षा, दूसरा बालक, चौथी पुस्तक ।

·      समूह बोधक :  तीनों बालक, चारों लड़‌कियाँ ।

(ख) अनिश्चित संख्यावाचक विशेषण : इसके द्वारा विशेष्य की संख्या विषयक विशेषता का निश्चित बोध नहीं होता । इसमें अस्पष्ट संख्या का अंदाजा देने वाले शब्द प्रयुक्त होते हैं । जैसे -

1. कुछ बच्चे पढ़ रहे हैं ।

2. कई लोग खड़े हैं ।

3. थोड़े पन्ने पढ़ने शेष हैं ।

4.        सार्वनामिक विशेषण - जो सर्वनाम किसी संज्ञा की विशेषता बताने के लिए विशेषण के रूप में प्रयुक्त होते हैं, उन्हें सार्वनामिक विशेषण कहते हैं । जैसे - मेरी पुस्तक, कोई लड़का, कुछ लड्डू आदि । सार्वनामिक विशेषण को संकेतवाचक विशेषण भी कहते हैं । सर्वनामों के भेदों के अनुसार सार्वनामिक विशेषण भी कई प्रकार के होते हैं :

(क) निश्चयवाचक/संकेतवाचक सार्वनामिक विशेषण :

1. उस किताब को उठाइए ।

2. यह कलम तुम्हारी है ।

 

(ख) अनिश्चयवाचक सार्वनामिक विशेषण :

1. बाहर कोई लड़का खड़ा है ।

2. खाने को कुछ मिठाई दो ।

 

(ग) प्रश्नवाचक सार्वनामिक विशेषण :

1. कौन आदमी आया है ?

2. किस लड़के ने तुम्हें पीटा है ?

 

(घ) संबंधवाचक सार्वनामिक विशेषण :

1. जो आदमी कल आया था, वह (आदमी) बाहर खड़ा है ।

2. जिसका सामान हो, ले जाए ।